
सतना/नागौद : मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी के आह्वान पर माननीय उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर एवं कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लॉड के मार्गदर्शन में जल संचय अभियान अंतर्गत जिला सतना के नागौद विकासखंड के ग्राम कचलोहा में विकासखंड समन्वयक अरुण प्रताप सिंह के नेतृत्व में नवांकुर संस्था गाड़ा पार जन कल्याण समिति कचलोहा के संयोजन में जल चौपाल और बोरीबंधान आमरण नदी के तट पर कार्यक्रम आयोजित किया गया विकासखंड समन्वयक अरुण प्रताप सिंह द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि हवा और पानी जीवन के प्रमुख आधार है इसके बिना हम जीवित नहीं रह सकते आज से 20 से 30 साल पहले 30 से 40 फीट में पानी मिलता था आज 500 के नीचे पानी मिल रहा है यदि अभी हम सब लोग जागरूक नहीं हुए तो आगे आने वाले समय में एक एक बूंद के लिए तरसेगे गर्मियों में पानी के लिए कितना संघर्ष करना पड़ता है यह हम सब लोगों ने देखा है आगे पुनरावृत्ति ना हो इसलिए हम सबको जल संचय हेतु सहयोग करना चाहिए हम सब छोटे-छोटे प्रयास से जल को सहेजने का कार्य करेंगे तो आगे आने वाली पीढ़ी के लिए देके जाएंगे पानी बनाया नहीं जा सकता केवल संचय ही किया जा सकता है हमको पानी ग्लेशियर, पहाड़ी क्षेत्र से या तालाबों से मिलता है पेड़ों की तेजी से कटाई होने के कारण पर्यावरण असंतुलित हैं ग्लेशियर बहुत तेज से पिघल रहा है पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए सभी को कम से कम एक-एक पेड़ लगाकर तैयार करने की जरूरत है जिससे पर्यावरण एवं जल दोनों को संरक्षित किया जा सके जिससे आने वाले समय में इस भीषण संकट से बच सके
वरिष्ठ समाजसेवी सरोज गुर्जर अनिल सिंह , संदीप शुक्ला सोनी कपाड़िया भी अपने विचार साझा किए उसके उपरांत सभी के द्वारा बोरी बंधान का निर्माण कर बहते पानी को रोक गया। आयोजित बोरीबंधान में ग्राम के लोगों नवांकुर संस्था, कमला कपाड़िया, हरनाम कपाड़िया शकुंतला चौधरी सहित CMCLDP छात्र लव सिंह परिहार साक्षी कुशवाहा लक्ष्मी कुशवाहा रवि, वर्षा चौधरी, दीपेंद्र एवं प्रस्फुटन समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे। आयोजित श्रमदान के माध्यम से नदी को बांध कर जल को संगृहीत किया गया साथ ही जल चौपाल के माध्यम से जल संरक्षण की शपथ लेते हुए सभी उपस्थित समाजसेवियों द्वारा अपने विचार साझा किए गए।







